ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे की खबरें गलियारों में तैर रही हैं। सिर्फ दो साल पहले भारी बहुमत से जीतने वाली लेबर पार्टी आज अपने ही नेता को बाहर का रास्ता दिखाने पर उतारू है। हर कोई पूछ रहा है कि क्या सोमवार को स्टार्मर अपने इस्तीफे का टाइमटेबल घोषित कर देंगे? जवाब सीधे तौर पर हां या ना में नहीं है, लेकिन सरकार के अंदर से जो संकेत मिल रहे हैं, वे अच्छे नहीं हैं।
बिजनेस मिनिस्टर पीटर काइल ने रविवार को मीडिया के सामने आकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने स्काई न्यूज और बीबीसी से बातचीत में कहा कि इस्तीफे की खबरें महज अटकलें हैं। लेकिन राजनीति में जो कहा जाता है, उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण वह होता है जो छुपाया जाता है। काइल ने माना कि प्रधानमंत्री इस समय "राजनैतिक वास्तविकताओं" पर विचार कर रहे हैं। जब कोई कैबिनेट मंत्री कहे कि पीएम वास्तविकताओं पर विचार कर रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब होता है कि कुर्सी खतरे में है।
एंडी बर्नहैम की वापसी और लेबर पार्टी की बगावत
इस पूरे संकट के केंद्र में एंडी बर्नहैम हैं। बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर संसद में वापसी की है। सोमवार को वे हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसद के रूप में शपथ लेने वाले हैं। बर्नहैम को लेबर पार्टी के भीतर स्टार्मर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता है। उनकी इस वापसी ने स्टार्मर विरोधी खेमे को पंख दे दिए हैं।
लेबर पार्टी के सांसदों को डर है कि स्टार्मर के नेतृत्व में पार्टी की लोकप्रियता तेजी से गिर रही है। मई में हुए स्थानीय चुनावों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही सांसदों का सब्र जवाब दे रहा था। अब बर्नहैम के संसद में आते ही ऐसा लग रहा है कि स्टार्मर के पास समय खत्म हो चुका है।
पीटर काइल के बयानों के पीछे का सच
पीटर काइल आमतौर पर टीवी पर बहुत सकारात्मक नजर आते हैं। लेकिन रविवार के इंटरव्यू में उनका चेहरा बहुत कुछ बयां कर रहा था। उन्होंने कहा कि वे यह ढोंग नहीं करेंगे कि प्रधानमंत्री के सामने कोई चुनौती नहीं है। काइल ने यह भी माना कि उन्होंने शुक्रवार को स्टार्मर से लंबी बात की थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा था कि देश इस समय क्या चाहता है।
"मैं यहां आकर यह भ्रम नहीं फैलाना चाहता कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं दे रहा है। यह चुनौती बिल्कुल साफ है।" - पीटर काइल, बिजनेस मिनिस्टर
हाउस ऑफ लॉर्ड्स के वरिष्ठ लेबर सदस्य चार्ली फाल्कनर ने तो यहां तक कह दिया कि स्टार्मर के पास अब कोई अधिकार नहीं बचा है। उन्होंने सुझाव दिया कि एंडी बर्नहैम और कीर स्टार्मर को मिलकर सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर बात करनी चाहिए ताकि देश में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे।
क्यों अलोकप्रिय हुए कीर स्टार्मर?
जुलाई 2024 में 174 सीटों के भारी बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद स्टार्मर से बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन उनका कार्यकाल नीतिगत यू-टर्न और विवादों से घिरा रहा। जनता उनसे नाराज क्यों है, इसके कुछ ठोस कारण हैं:
- आर्थिक मोर्चे पर नाकामी: स्टार्मर ने देश की आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन वे महंगाई और कॉस्ट ऑफ लिविंग के संकट को कम नहीं कर पाए।
- विवादास्पद फैसले: बुजुर्गों के लिए विंटर फ्यूल पेमेंट बंद करने के फैसले ने उनकी छवि को भारी नुकसान पहुंचाया।
- गलत नियुक्तियां: पीटर मंडेल्सन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले की चौतरफा आलोचना हुई।
इसके अलावा, विदेश मंत्री यवेट कूपर द्वारा भी स्टार्मर को पद छोड़ने की सलाह दिए जाने की खबरें आ रही हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग पहले ही स्टार्मर के विरोध में इस्तीफा दे चुके हैं और वे भी नेतृत्व की रेस में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अगर कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो वे पिछले 10 सालों में पद छोड़ने वाले ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री होंगे। यह ब्रिटेन की राजनीतिक अस्थिरता को पूरी दुनिया के सामने उजागर करता है। स्टार्मर ने शुक्रवार को कहा था कि वे डटकर मुकाबला करेंगे और किसी भी चुनौती के खिलाफ खड़े रहेंगे। लेकिन जब अपनी ही पार्टी के 70 से ज्यादा सांसद और कैबिनेट मंत्री खिलाफ हो जाएं, तो कुर्सी बचाना लगभग असंभव हो जाता है।
मंगलवार को कैबिनेट की एक अहम बैठक होने वाली है। मंत्रियों ने स्टार्मर को अल्टीमेटम दिया है कि वे इस वीकेंड के खत्म होने तक अपने इस्तीफे और नए नेता के चुनाव की समयसीमा तय कर लें, वरना मंगलवार की बैठक में उन्हें जबरन हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ब्रिटिश राजनीति के लिए अगले 24 से 48 घंटे बेहद गंभीर हैं। स्टार्मर के सामने अब सम्मानजनक विदाई का रास्ता चुनने या फिर अपनी ही पार्टी से सीधी लड़ाई लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।